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उत्तरप्रदेश पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2019

उत्तरप्रदेश पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2019

उत्तरप्रदेश में पॉलिटेक्निक कोर्स में 2019 के सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गयी है। 
1. महत्वपूर्ण तिथियां निम्नवत हैं :-  परीक्षा तिथि 28 अप्रैल 2019। 
2. परीक्षा फॉर्म भरने के लिए आप निम्न वेब एड्रेस पर जाकर नामांकन दर्ज करा सकते हैं :-  (https://jeecup.nic.in) इस ऑनलाइन नामांकन के अलावा किसी भी तरह के फॉर्म स्वीकार नही किये जायेंगे। 
3. एप्लीकेशन फॉर्म के लिए फीस निम्नवत है :- 
General / OBC
Rs. 300/- per form + bank charges

SC/ST
Rs. 200/- per form + bank charge

4. योग्यता :-
डिप्लोमा के इंजीनियरिंग कोर्स में 10 वी कक्षा में निम्नतम 35 प्रतिशत तक आने वाले छात्र योग्य हैं। दसवीं कक्षा के आधार पर प्रवेश पाने वाले लोगों के लिए डिप्लोमा कोर्स की अवधि 3 वर्ष होगी।

लेटरल एंट्री के तहत प्रवेश लेने वाले लोगों को 12 वी कक्षा विज्ञान क्षेत्र में पास करना आवश्यक है। लेटरल एंट्री के तहत कोई छात्र सीधे दूसरे साल में प्रवेश पा सकता है। 12 वी कला वर्ग के ऐसे छात्र जो डिप्लोमा करना चाहते हैं वो दसवीं के आधार पर तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए आव…
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सीधे मॉल में बेचें अपनी सब्जियों की पैदावार

सीधे मॉल में बेचें अपनी सब्जियों की पैदावार 
कई बार बड़े बड़े मॉल में महंगी बिकती हुई सब्जियों एवं फलों को देख कर स्वतः  ही यह विचार आता है की इन सब मॉल  में कौन किसान लोग सब्जियों एवं फलों की पैदावार  भेज रहे हैं |  निश्चित रूप से महंगे दामों पर फल एवं सब्जियां इन बड़े बड़े मॉल में बेचकर आम मंडी के बजाय  अच्छा मुनाफा कमाया जा  सकता है | इस पोस्ट के माध्यम से हम ऐसे ही एक कृषि स्टार्टअप  के बारे में आप सभी लोगों के साथ जानकारी साझा करेंगे  | 

१. Crofarm
यह कृषि स्टार्टअप वरुण   खुराना जी एवं प्रशांत जैन द्वारा थोड़े ही समय पहले शुरू किया गया था | इस स्टार्टअप में सीधे किसानों से सब्जियों एवं अन्य पैदावार को लेकर विभिन्न शहरों में उपस्थित आउटलेट्स को दिया जा रहा है | (4 )



२.  इस स्टार्टअप के माध्यम से मैनेजिंग  टीम बड़े बड़े मॉल  एवं किसानों के बिच सीधे संवाद कायम करने की कोशिश  कर रही है है | स्टार्टअप की आधिकारिक वेब पेज पर दर्शाया गया है की यह स्टार्टअप वर्तमान में निम्न बड़ी आउटलेट्स को सब्जी एवं फलों की आपूर्ति कर रहे हैं :- 
बिग बाजार  मेट्रो  जुबिलेंट फ्रेश  बिग बास्केट  ग्रोफर्स  SRS  

किराए पर लें कृषि यंत्र

किराए पर लें कृषि यंत्र

सिपाही कमल राम गुर्जर

सिपाही कमल राम गुर्जर

सिपाही कमल राम गुर्जर ब्रिटिश सेना में विक्टोरिया क्रॉस प्राप्त करने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के भारतीय थे।  ब्रिटिश राज के समय से ही विक्टोरिया क्रॉस एक बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय एवं शूरवीरों को दिया जाने वाला पुरस्कार है। ब्रिटिश पुरुस्कारों के सूचकांक में यह पुरस्कार सबसे ज्यादा महत्व रखने वाला है। यह पुरस्कार युद्ध के समय, दुश्मन के सामने अत्यधिक वीरता दिखाए जाने पर ब्रिटिश सेना के सैनिकों को दिया जाता है। यह पुरस्कार मरणोपरांत भी दिया जाता है। भारत जैसे देश जो पहले ब्रिटिश सत्ता के अधीन थे, के सिपाही भी इस पुरस्कार को पाने के अधिकारी थे। जैसे जैसे देशों ने ब्रिटिश सरकार से स्वतंत्रता हासिल की, वैसे वैसे इन देशों ने अपने पुरुस्कार अलग से स्थापित कर लिए और इन स्वतंत्र देशो में विक्टोरिया पुरुस्कार जैसे प्रतिष्ठित पुरुस्कारों की लोकप्रियता घटती चली गयी। जहां एक तरफ स्वतंत्रता आंदोलन ने राजनीतिक चिंतकों को देश मे लोकप्रिय बनाया, वहीं दूसरी तरफ इन आंदोलनों ने ऐसी कोई भी चीज़ जो ब्रिटिश सत्ता से संबंधित हो, उसको देश भर अलोकप्रिय कर दिया। सिपाही कमल राम गुर्जर जैसे व…

वृक्षा रोपण से ग्राम पंचायत ने कमाये लाखों रुपये

वृक्षा रोपण से ग्राम पंचायत ने कमाये लाखों रुपये सभी मित्रों को हाथ जोड़ कर विनम्र नमस्कार,

आज दिन में समाचार पत्र पढ़ते हुए बहुत ही अच्छी जानकारी मिली महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के बारे में। मैं इसको आप लोगों के साथ साझा करना चाहता हूँ। यह घटना राजस्थान के भरतपुर जिले के नेवादा गांव की है। असल में राजस्थान में राज्य सरकार ने पंचपाल नाम से एक योजना संयोजित की हुई है। इस योजना के तहत वृक्षा रोपण का कार्य किया गया है। इस योजना के कारण न की ग्राम पंचायतों को आमदनी होनी शुरू हुई है अपितु चारागाह के लिए उपयुक्क्त जमीनों पर अवैध कब्जों पर भी लगाम कास दी गयी है। इसके साथ ही साथ इस योजना ने खेती योग्य भूमि का राजस्थान में लगातार सिकुड़ते स्तर को भी कम करने में सफलता प्राप्त की है। नेवादा गांव में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 3000 फलदार एवं 1000 अन्य पौधों को लगाया गया है। यह पौधे ग्राम पंचायत के लिए पूर्णकालिक आय का स्त्रोत भी बन गए हैं। इसके साथ साथ इन पौधों ने क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने का भी कम किया है। इससे ग्रामीण लोगों में खाली भूमि पर वृक्षा रोपण करने के बारे में …